प्रीमैरिटल वेरिफिकेशन शादी से पहले किया जाने वाला एक गोपनीय और कानूनी जाँच-प्रक्रिया है, जिसका मकसद
सामने वाले व्यक्ति की सच्चाई को समझना होता है। इसमें उसकी शिक्षा, नौकरी, आय, पारिवारिक पृष्ठभूमि,
रहन-सहन, आदतें, मित्र-सर्कल, सोशल मीडिया गतिविधियाँ और किसी पुराने प्रेम या विवाह संबंध आदि की
जानकारी की पुष्टि की जाती है। यह प्रक्रिया इसलिए ज़रूरी होती है ताकि शादी जैसे बड़े फैसले से पहले
कोई भी पक्ष गलत जानकारी, धोखा, छुपे हुए रिश्ते या भविष्य के विवादों से सुरक्षित रह सके और एक
विश्वासपूर्ण व स्थिर वैवाहिक जीवन की शुरुआत हो सके।
हम लड़का या लड़की के बारे में आपको बताएंगे । जैसे -
→ वर्तमान पता और स्थायी पता
→ वैवाहिक स्थिति (पहले कभी शादी हुई या नहीं)
→ कोई तलाक या कोर्ट केस तो नहीं?
→ कोई आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं?
→ पढ़ाई-लिखाई (Education Verification)
→ नौकरी / बिज़नेस का सही विवरण
→ महीने की इनकम और इनकम का स्रोत
→ परिवार के सदस्य कौन-कौन हैं
→ परिवार की विचारधारा
→ आदतें – शराब, स्मोकिंग, जुआ आदि
→ सोशल मीडिया प्रोफाइल वेरीफिकेशन
→ पिछले रिलेशनशिप का कोई छुपा हुआ मामला?
→ कहीं कोई ब्लैकमेलिंग या फ्रॉड हिस्ट्री तो नहीं?
→ शादी के लिए खुद की सहमति है या दबाव में?
→ पढ़ाई और डिग्री असली है या फर्जी?
→ जॉब कर रहा है या रही है तो कंपनी व सैलरी सही है या नहीं?
→ पहले किसी से शादी या सगाई तो नहीं हुई?
→ किसी से लव अफेयर अभी भी चल रहा है?
→ किसी पर केस, FIR या कोर्ट मैटर तो नहीं?
→ सोशल मीडिया पर कोई आपत्तिजनक गतिविधि तो नहीं?
→ किसी से छुपकर मिलना-जुलना तो नहीं?
→ किसी पर कर्ज या फाइनेंशियल जिम्मेदारी तो नहीं?
→ किसी से ब्लैकमेलिंग या धमकी का इतिहास तो नहीं?
→ परिवार की आर्थिक स्थिति सही बताई गई है या नहीं?
→ आदि जानकारी !
अगर आप यह जानना चाहते हैं कि यह रिश्ता आपके लिए सही है या नहीं तो रिपोर्ट मिलने के बाद आप हमारे
साइकोलॉजी एक्सपर्ट से व्हाट्सएप पर पर संपर्क कर सकते हैं । व्हाट्सएप नंबर आपको रिपोर्ट में दिया
जाएगा। संपर्क करने के लिए आपसे कोई अलग शुल्क नहीं लिया जाएगा।लिया जाएगा।